यहाँ आने वाला हर श्रद्धालु केवल स्नान नहीं करता, वह अपने भीतर की अशांति को त्याग कर
महाकाल की शरण में एक नया जीवन आरंभ करता है। सिंहस्थ उज्जैन वह अनुभूति है
महाकाल दर्शन करें सिंहस्थ यात्रा शुरू करें

महाकाल की नगरी में हर सांस भक्ति है

2028 में होने वाले पवित्र सिंहस्थ कुंभ की सम्पूर्ण जानकारी – स्नान तिथियाँ, रूट मैप, होटल, धर्मशालाएँ, पंडित बुकिंग और दर्शन गाइड।
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उज्जैन सिंहस्थ 2028 – धर्म, आस्था और महाकुंभ का महासंगम

आस्था, समय और परंपरा का पवित्र संगम

सिंहस्थ उज्जैन क्यों विशेष है?

हजारों वर्षों पुरानी सिंहस्थ परंपरा

शिप्रा नदी में अमृत स्नान का पावन अवसर

महाकाल दर्शन का अलौकिक अनुभव

शिप्रा तट पर आत्मिक शांति और पुण्य लाभ

सिंहस्थ कुंभ उज्जैन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।यहां शिप्रा नदी में अमृत योग के दौरान स्नान करना मोक्ष की प्राप्ति का माध्यम माना जाता है।हर 12 वर्ष में आयोजित होने वाला यह पर्व भारत की सबसे पवित्र धार्मिक परंपराओं में से एक है।

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उज्जैन सिंहस्थ में हम आपकी कैसे मदद करते हैं.

पूजा एवं अनुष्ठान सेवा

महाकाल, हरसिद्धि और अन्य प्रमुख मंदिरों में
विशेष पूजा, अभिषेक और रुद्राभिषेक की सम्पूर्ण जानकारी और पंडित संपर्क।

भस्म आरती एवं विशेष दर्शन

भस्म आरती समय, दर्शन नियम, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और VIP दर्शन से जुड़ी पूरी गाइड

मंदिर दर्शन मार्गदर्शन

किस मंदिर में कब जाएं, कहाँ लाइन कम रहती है और किस समय दर्शन सबसे सरल होते हैं – सब एक जगह।

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January 14, 2022

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सिंहस्थ उज्जैन 2028: पहली बार आने वाले

सिंहस्थ कुंभ उज्जैन भारत के सबसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर 12 वर्षों में आयोजित होने वाले इस महापर्व में करोड़ों श्रद्धालु शिप्रा नदी में स्नान कर मोक्ष 

आपातकालीन सहायता नंबर पुलिस और सभी इमरजेंसी सेवाएं

🚑 एम्बुलेंस सेवा

CALL: 108

🧑‍🚒फायर ब्रिगेड

CALL: 112

👩महिला सहायता हेल्पलाइन

CALL: 112

👦बच्चों के लिए हेल्पलाइन

CALL: 112

Frequently Asked Questions?

क्या मंदिर दर्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी है

ज्यादातर प्रसिद्ध मंदिरों में अब दर्शन के लिए ऑनलाइन या ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था होती है। यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय प्रशासन की जानकारी जरूर देख लें।

मंदिर में मोबाइल और बैग ले जाने की अनुमति होती है या नहीं

अधिकतर मंदिरों में सुरक्षा कारणों से मोबाइल, बैग, बेल्ट और अन्य सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती। बाहर बने लॉकर काउंटर पर इन्हें जमा करना पड़ता है।

बुजुर्गों और बच्चों के लिए क्या विशेष सुविधा होती है

कई मंदिरों में बुजुर्गों, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के लिए अलग लाइन या विशेष सहायता काउंटर की सुविधा दी जाती है। भीड़ के समय सुबह या देर रात दर्शन करना ज्यादा सुरक्षित रहता है।

मंदिर में VIP दर्शन की सुविधा कैसे मिलती है

VIP दर्शन की व्यवस्था मंदिर प्रशासन द्वारा तय की जाती है। इसके लिए अलग काउंटर या ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम हो सकता है, लेकिन त्योहार और भीड़ के समय सामान्य दर्शन भी उतना ही प्रभावी रहता है।

मंदिर तक पहुंचने का सबसे अच्छा समय कौन सा होता है

सुबह जल्दी या देर शाम का समय सबसे शांत माना जाता है। दोपहर और शाम के समय भीड़ काफी अधिक होती है।

यात्रा के दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखें

हल्का सामान रखें, पर्याप्त पानी पिएं, प्रशासन द्वारा तय रूट का पालन करें और मेडिकल सहायता केंद्र की जानकारी पहले से रखें।

अगर भीड़ में कोई व्यक्ति बिछड़ जाए तो क्या करें

तुरंत नजदीकी पुलिस या सहायता काउंटर पर संपर्क करें और दिए गए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें।

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हिंदू धर्म

हिंदू धर्म जीवन, कर्म और आत्मा के संतुलन की शिक्षा देता है। यह धर्म साधना, सत्य और आत्मिक विकास के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

मुस्लिम धर्म

इस्लाम धर्म शांति, करुणा और भाईचारे का संदेश देता है। यह अनुशासन, ईमानदारी और मानवता की सेवा पर आधारित है।

सिख धर्म

सिख धर्म सेवा, समानता और साहस की भावना सिखाता है। यह निस्वार्थ सेवा और मानव कल्याण को जीवन का मूल उद्देश्य मानता है।

इसाई धर्म

ईसाई धर्म प्रेम, क्षमा और करुणा का मार्ग दिखाता है। यह मानव सेवा और आपसी सहयोग को सबसे बड़ा धर्म मानता है।

बौद्ध धर्म

बौद्ध धर्म शांति, ध्यान और अहिंसा पर आधारित है। यह दुख से मुक्ति और आत्मबोध का मार्ग सिखाता है।

जैन धर्म

जैन धर्म अहिंसा, संयम और सत्य के सिद्धांतों पर आधारित है। यह आत्मशुद्धि और नैतिक जीवन को सर्वोच्च मानता है।

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